Ghost Stories

Latest Ghost Stories in hindi

नमस्ते दोस्तों आज की कहानी एक ऐसी भूतनी की है जिसको एक लड़के से प्यार हो गया। बात साल पहले की है जीवन कुमार सुबह सुबह तैयार होकर अपनी दुकान मैं जा रहा था , जीवन नहा धोके परफ्यूम लगाकर निकल गया।  सुना है भूत प्रेत इत्र की खुश्बू  से आकर्षित होते हैं, और जिस रास्ते से होते हुए अपनी दुकान जा रहा था वहां पास मे ही शमशान घाट भी था।  वो हर रोज़ वहां से गुजरता और उस जगह एक बड़ी सुन्दर लड़की उसे वहां  खड़ी दिखती जो उसको देख कर मुस्कुरा देती थी।  

जीवन की उम्र भी शादी वाली हो गयी थी और वो भी इस लड़की को पसंद करने लगा था।  रोज़ उस जगह पर उस लड़की को खड़ा देख वो सोचने लगा की ये लड़की इसके इंतज़ार मैं खड़ी रहती है। जीवन आगे चलता था और ये लड़की उसके पीछे पीछे चलता था, एक दिन हिम्मत कर जीवन ने इस लड़की से उसका नाम पूछा और बात चीत शुरू कर दी।  अब हर रोज़ दोनों वहां से साथ मैं चलते थे और काफी बाते करते और हस्ते।  जीवन की ज़िन्दगी खुशियों से भर गयी और उसे लगा सब अच्छा हो रहा है। 
अब जीवन के दोस्त उससे दूरी बनाने लगे क्यूंकि जो लड़की जीवन को दिखती वो और किसी को भी नहीं दिखती थी और जीबन को इसतरह अकेले हस्ता देख कर लोग उसे पागल समझने लगे। जीवन लोगो का इस तरह का बर्ताब देख कर थोड़ा परेशान हो गया और कुछ समझ नहीं प् रहा था , उसने इसबारे मैं अपने घरवालों से बात की तो उसे पता लगा की उसके बारे मैं मौहले मैं क्या बाते चल रही है। और फिर उसने बताय की वो पागल नहीं है और वो सच मैं एक लड़की से बात करता है।  जीवन की हरकते बिलकुल सामान्य थी तो उसका भरोसा करते हुए लोगो ने सोचा शायद कोई भूत प्रेत का मामला होगा। और उसकी मदद करने का सोचने लगे।  
रोज़ की तरह अगली सुबह भी जीवन वहां से गुजरा और वो लड़की वहां उसका इंतज़ार कर रही थी और रो रही थी , जीवन उससे बहुत प्यार करता था और ये जानते हुए भी की वो एक भूतनी है वो उससे बात करने उसके पास गया और पूछ लिया की क्यों रो रही हो। उस भूतनी नै बताया की वो जीवन को बहुत चाहती है और उससे जुड़ा नहीं होना चाहती। और कहने लगी की मई जानती हूँ की तुम मेरी सच्चाई जान चुके हो , मैं नहीं चाहती थी की तुम्हे इस बात का पता चले और मैं तुमसे शादी करके तुम्हे अपने साथ इस जंगल मैं ले आती और हमे यहाँ कोई ढूंढ नहीं पाता। 
जीवन नै बताया की वो भी उसे बहुत प्यार करता है और उसके बिना एक पल नहीं रह सकता। और अपनी जान देने के लिए भी तैयार है।  उस भूतनी को जीवन का सच्चा प्यार देख कर बहुत ख़ुशी हुई और कहने लगी की तुम्हे मरने की कोई जरुरत नहीं है।  तुम अपनी ज़िन्दगी जिओ और मैं तुम्हारा इंतज़ार करुँगी , तुम जब अपने प्राण त्याग दोगे तब मैं तुम्हे लेने आउंगी। और उससे पहले मैं तुम्हारे सामने नहीं आउंगी। 
अब जीवन अकेले रहता था और किसी से ज्यादा बात भी नहीं करता था ,  उसके माता पिता काफी परेशान हो गए पर कुछ भी उनके हाथ मैं नहीं था। जीवन नैं खाना पीना बिलकुल छोड़ दिया और फिर उसकी मौत हो गयी फिर उसके बाद किसी को कुछ खबर नहीं , कुछ लोग कहते की उनलोगो नै जीवन और उस भूतनी को सड़क से जंगल की और जाते देखा। जीवन के माता पिता नै सोचा की उनका बेटा जहाँ भी है खुश है। पर जीवन की याद काफी रोते थे। 

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Ghost story 2

आज की कहानी करण की है जो एक किसान है।  करण  एक युवा है तो काफी मेहनती है , सुबह घर मैं माता पिता की मदद करता और शाम को खेती करता और रात को खेत की रखवाली करता।  रोज़ की तरह करण खाना खा कर रात के १० बजे खेत की तरफ निकल पड़ा रखवाली करने के लिए।  कराण नै खेतो के दो चक्कर लगाए और जानवरो को डराने के लिए कुछ आवाज़े निकाली।  फिर वापस आ कर खेत के बीच मैं बैठ गया जहाँ उसने आग जला के राखी थी।  वहीँ पास मैं उसने चारपाई रखी  थी जिस पर वो लेट गया, फसल की रखवाली जंगली सूअर और सांबर से करनी  पड़ती थी  रात के समय फसल खा जाते थे। करण गहरी नींद मई था और करीब ११ बजे उसे लगा की उसके कोई उठा रहा है तो आधी नींद मैं उठ कर अपने आस पास देखा तो कोई नहीं था फिर से सो गया। थोड़ी देर तक सब ठीक चल रहा था की अचानक करण को धक्का लगा और वो चारपाई के नीचे गिर गया , हड़बड़ी मैं उठा और अपने आस पास देख कर गली देने लगा उसने सोचा कोई शरारत कर रहा होगा , मगर खेत इतना बड़ा और खुल्ला था की कोई इतनी जल्दी वहां से भाग नहीं सकता था।   
करण को अब  नींद नहीं आ रही थी तो खेत के चक्कर लगाने निकल पड़ा।  उसे लगा कोई उसके पीछे चल रहा है तो वो भागने लगा , अब उसको महसूस हुआ की कोई उसके पीछे भाग रहा है भागते हुए करण झट से पीछे मुड़ा ताकि देख सके आखिर कौन है जो उसे परेशान कर रहा है।  चांदनी छाई थी पीछे मुड़ने पर करण को एक साया दिखा और अचानक गायब हो गया। करण थोड़ा डर गया क्यूंकि उसका घर वहां से काफी दूर था और उसकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं था।  उसने हिम्मत रखी और वापस उसी जगह चला गया जहाँ उसने अपनी चारपाई रखी थी, वहां पहुँच कर उस पर बैठा तो तभी उसकी चारपाई थोड़ी सी उपर की तरफ उडी और उलटी घूम गयी करण  धड़ाम से नीचे गिरा और उठ कर उसने चारपाई को ज़ोर से लात मारी।  और  बोलने लगा कौन है सामने आ मैं नहीं डरता तेरे से।  अब कोई हरकत नहीं हुई लघबघ २ घंटे तक तो करण नै सोचा अब सब ठीक है कुछ देर सो लेता हूँ , करण की आँख तब खुली जब उसने देखा की उसकी चारपाई को कोई घसीट रहा है , वो किसी को देख तो नहीं पा रहा था पर महसूस कर रहा था जैसे उसके बहुत करीब मैं कोई खड़ा हो.  अचानक उसकी चारपाई को बहुत तेज़ी से घसीटता हुआ पास के शमषान घाट पहुंचा दिया और करण अब्ब चाहते हुए भी अपने शरीर को हिला नहीं पा रहा था। रात भर वो वहीँ अपाहिज़ की तरह पड़ा रहा और सुबह जब उसकी तलाश करते घर वाले वहां पहुंचे तो उसकी इस हालत को देख कर डर गए और उसे फ़ौरन घर ले कर आये और फिर पुरोहित के पास ले गए जिन्होने करण के घर वालों को बताया की दरअसल जिस जगह मैं करण नै अपनी चारपाई लगायी थी ठीक उसी जगह के नीचे एक जवान लड़के को से मार कर वहां दफना दिया गया था , और करण का उस जगह पर आना और चारपाई बिछाना उस आत्मा को पसंद नहीं आया इस्सलिये उसके साथ ये सब हुआ।  
पुरोहित जी नै उस लड़की की आत्मा की शांति का पूजा पाठ करने का सुझाब दिया और उसकी एक मूर्ति लगाने को कहा , करण की सेहत मैं सुधार आ गया वो ठीक हो रहा था और फिर दुबारा उस लड़के की आत्मा नै किसी को परेशान नहीं किया।  

Rating: 1 out of 5.
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Bhoot Ki kahani 3

फौजीग्रुप नै भूत  देखा 
आज  की  कहानी  एक  फौजी  ग्रुप  की  है  जो  एक  रात  अपनी  ड्यूटी   वाली  जगह  अपने  ट्रक  मैं  बैठ  कर  जा  रहे  थे   . 
हम  सब  जानते  ही  हैं  की  हमारे  फौजी  भाई  कितने  हिम्मत  वाले  होते  हैं  जो  हर  पल  हमारे  देश  की  रक्षा  करते  हैं.  ना  जाने  किन  किन  हालातो  का  सामना  करे  डटे  रहते  हैं  बॉर्डर  पर।  
एक  रात  जब  फौजी  भाई  ट्रक  मैं  बैठ  कर  अपनी  ड्यूटी  वाली  जगह  जा रहे  थे  तो  उनमे  से  एक  फौजी  की नज़र  पहाड़  की उचाई  पर  गयी  और  कुछ  रौशनी  जैसा  तेज़  गोल  अकार  का  पहाड़ी  की उचाई  से  नीचे की तरफ भागता  हुआ देखा।  उसने  अपने  बाकि से साथिओ  को भी दिखाया  तो सब  आपस मैं बाते  करने  लगे , कुछ कहते  की  शायद आग  है  और कुछ कहते  की शायद किसी नै कुछ जला कर नीचे की तरफ फेंक दिया हो, और  फौजी हस्ते हुए कहते ये  तो भूत है  ऊपर  मंदिर होगा जिसे देख भूत दर गया होगा और इस लिए भाग रहा है , ट्रक ड्राइवर  भी फौजी  भाइयो की बात सुन रहा था  और  हस  रहा था पर उसने बताया की वो रात के समय कई बार यहाँ से गया है और ऐसा कई बार देखा है।  
ड्राइवर अभी ये सब बता ही रहा था और अचानक ज़ोर से ब्रेक मारा  , ड्राइवर के साथ  वाली सीट पर जो फौजी बैठा था वो हैरान हो गया  उसने देखा  की सामने सड़क पर एक औरत जिसके चारो तरफ जैसे बहुत तेज़ रौशनी हो वो दूसरी तरफ चलती हुई जा रही थी और उसके चलने से  सड़क पर चिंगारी निकल रही थी  .  ड्राइवर घबरा गया  पीछे बैठे फौजियों को  इस बारे  मैं  बताया  तो  वो  नीचे उतरे उस  चीज़  को देखने  और उसकी तरफ चलने लगे कुछ पास  पहुंचे  तो वो चीज़ बड़ी  ही तेज़ी से  नीचे की तरफ भाग गयी।  
फौजी  भाइयो   से  दो  बन्दे  उस चीज़ के पीछे भागने  लगे , मना करने पर भी  नहीं रुके  , फिर जब उन् लोगों नै  पहाड़ी के नीचे की तरफ देखा तो  लगा जैसे वो रौशनी अब  गायब हो गयी  और वो एक बूढी औरत  के रूप मैं दिखने  लगी , फिर  एक फौजी ज़ोर से बोला कौन  हो  अम्मा  क्या  कर रही हो  यहाँ  और उसकी  जाने लगे  वो  भूतनी  ज़ोर से चिलायी ताकि फौजी  आगे ना  बढ़े , फौजी  नहीं रुका  और थोड़ी देर मैं उन पर पथरो  की जैसे बारिश हो रही हो, फौजी कुछ  समझ नहीं पा रहे थे की क्या हो रहा है  साथ।  जब फौजी रुका और उस भूतनी के तरफ नहीं जाने लगा  तो पत्थर गिरना भी बंद हो गए।  और फौजी को ऐसा लगा जैसे वो भूतनी वापस रौशनी बन गयी और पूरी तेज़ी से उसकी तरफ आने लगी, फौजी नै उसपर  गोलिया चला दी पर वो रौशनी फौजी के तरफ आती रही और बहुत पास आकर गायब हो गयी। 
थोड़ी  देर बाद पास के पहाड़ मैं दिखी जहाँ  वो उन्हे पहली दफा दिखी थी। देरी से पहुंचने पर जब फौजी भाइयो नै ये सब बताया तो किसी नै बिश्वास नहीं किया  और जिस फौजी नै गोलिया चलाई उसे पनिशमेंट मिली  , और जब फौजी भाइयो नै कपड़े बदले तो उनकी छाती पर ऐसे निशान थे जैसे किसी नै पत्थर से मारा हो। 
जब भी वो फौजी वहां से गुजरते तो उन्हे वो रौशनी दिखती पर  अब वो जान  चुके थे की वो  एक  भूतनी है  तो उस पर ध्यान ना देते हुए बस अपने रास्ते  निकल लेते. 

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Rating: 1 out of 5.